मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 68, सितंबर(प्रथम), 2019

बेमेल निकाह

राजीव कुमार

तमन्ना ने अपने दिल पे बड़ा सा पत्थर रखकर सलीम से निकाह कर लिया। नहीं चाहते हुए भी तमन्ना को अपने से पंद्रह साल बड़े सलीम से निकाह करनी पड़ी, अम्मी और अब्बा हुजूर की खुशी के लिए। तमन्ना गुस्से के जहर को चूपचाप पी गई। ससुराल में सलीम मियां का रवैया कुछ अच्छा नहीं रहा। हालात नाजुक ही बने रहे। गुस्सा कर सलीम मियां ने कहा ’’ साली, सौहर के दिल और जिस्म के आग को नहीं समझती है। अपनी नादानी अपनी मासूमियत बाप के घर में खत्म कर के आती।’’ तमन्ना सलीम मियां से तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही थी लेकिन इस रवैये ने तमन्ना को सन्न कर दिया। तमन्ना के दिलोदिमाग में और जहर घोल दिया।

एक दिन तमन्ना के अम्मी और अब्बा हुजूर उसके ससुराल पहुंचे, अभी तक तमन्ना का गुस्सा शांत नहीं हुआ था। खाना खाने बैठे अम्मी और अब्बू के सामने से थाली छीनते हुए तमन्ना ने कहा ’’ नहीं खाना है तुमलोग को। मेरी जिन्दगी खराब कर तुमलोग खुश हो। ’’ उस दिन बाद से उसकी अम्मी और अब्बु वहां कभी नहीं गए। तमन्ना अब सलीम मियां से ंरिश्ते सुधारने में लग गई। तमन्ना के अम्मी और अब्बू को अपनी भूल का एहसास होने लगा था मगर अब क्या हो सकता है? धीरे-धीरे वक्त बदलने लगा। तमन्ना माँ बनी। बाद में अपनी बेटी का निकाह किया। फिर भी अपनी अम्मी और अब्बू को नहीं पुछा। अपने गुस्से को तमन्ना ने ताउम्र कायम रखा। एक दिन रास्ते में तमन्ना और उसकी अम्मी-अब्बू आमने-सामने हो गए। तमन्ना तो अपना मंह फेर ली, लेकिन तमन्ना की अम्मी ने कहा ’’ बेटी, हमलोग से तो बहुत बड़ी गलती हो गई थी, जिसका अफसोस हमें आज भी है, लेकिन तुमने अपनी नादान बेटी का निकाह बीस साल बड़े खलील के साथ क्यों कर दिया? ’’

तमन्ना की नजर नीची हो गई। इस बात का उसके पास कोई जवाब नहीं था। गर्दन उठाकर तमन्ना ने देखा कि अम्मी और अब्बू जा रहे हैं।


कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें