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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 68, सितंबर(प्रथम), 2019

रक्षाबंधन

प्रिया देवांगन प्रियू

                 
आया है त्यौहार , रक्षाबंधन का आज।
भाइयों के सिर पर है , खुशियों का ताज।।

खिल उठी है मन में , खुशी की कलियाँ।
महक रही है आज ये , घर संसार और गलियां।।

मीठे मीठे पकवानो की , महक मन में आई है।
राखी से बहना , अपनी थाल सजाई है।।

वचन मांगती भाई से , मुस्कुराकर आज।
हमेशा पूरी करना मेरी , छोटी बड़ी काज ।।
   

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