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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 68, सितंबर(प्रथम), 2019

मोनाल

पवनेश ठकुराठी 'पवन'

हिमालयी मोर जितना खूबसूरत नाम है उतना ही खूबसूरत है यह पक्षी इसीलिए तो इंसान इसे इतना प्रेम करता है कि इसके पांखों तक को नहीं छोड़ता।


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