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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 68, सितंबर(प्रथम), 2019

बाघ

पवनेश ठकुराठी 'पवन'

गर्व था उसे खुद पर कि वो जंगल का राजा है राष्ट्रीय पशु है भारत का। अब और भी शान से जिएगा वह अन्य जानवरों के समक्ष उसकी कीमत और भी बढ़ जाएगी। सचमुच ऐसा ही हुआ अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत अब करोड़ों में थी।


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