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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 68, सितंबर(प्रथम), 2019

घायल आजे से ना हम

विद्या शंकर विद्यार्थी

घायल आजे से ना हम काल्हे से बानीं कौनो औजार ना निगाह डाले से बानीं पूछे आइल बा लोग आ दरद जाने भी बेसी दिन से ना जानीं हम हाले से बानीं उन्हुका तिके अंदाज दिल के बेधे से बा दवा लागत नइखे हम तत्काले से बानीं जले बा बात छुटल नींदो बा हेराइल विद्या बात के छुटे से ना हम बोले चाले से बानीं ।


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