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Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 93,सितम्बर(द्वितीय), 2020

नशा मतलब नाश

हेमराज

नशा नाश का दूसरा नाम जवानी में हो जाती जीवन की शाम, हमेशा रहो इससे दूर व्यस्त रहो करते रहो अछे काम ।। माँ बाप को मत करो दुखी कहना मानो हमेशा रहोगे सुखी, मेहनत करो रखो सदा सेवा भाव मन रहेगा शांत, मिलेगा बेहद आराम ।। नशा करता धन की बर्बादी छीन लेता जीने की आजादी, चाहे कितना अच्छा हो रहन सहन शराबी पहचान से रहता गंदा होता नाम ।। जिसने हाथ नहीं लगाया अभी छूना भी गलती से न कभी, गर कभी करोगे गलती जीवन में एकबार इज्जत लुटा लोगे याद रखना आप बेदाम ।। जो कर रहे हैं सेवन गलती से छोड़ने का प्रण कर लें वो जल्दी से, गर हो गए त्यागने में कामयाब घर बैठे सुख भोग लोगे जो मिलता चारधाम ।। गंदगी से आत्मा हर पल रोती भयानक से भी परे बीमारियां नशे से होती, न रहते फिर जिंदा न मुर्दा सड़ता शरीर बिस्तर पर हो जाता जाम ।। आओ अभी प्रण कर लें सभी कैसा भी वक्त आए विष न पीयेंगे कभी, बुराई छोड़ करेंगे नेक काम समाज खुशहाल बनाएंगे अच्छाई का हाथ थाम ।।

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