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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 93,सितम्बर(द्वितीय), 2020

हाइकु

डॉ०महिमा श्रीवास्तव

(1) आन्खों का नूर गया कमाने दूर भूल वो गया (2) उम्र गंवाई सबको खुश किया खत्म किस्सा (3) पराई पीर हरनी चाही मूढ़ उलझ गया

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