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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 95,अक्तूबर(द्वितीय), 2020

सत्यम शिवम् सुंदरम

रेखा भाटिया

सत्य शिव है ,सत्य सुन्दर है, नारी के अपमान का सत्य, नारी के चिरहरण का सत्य , नारी शक्ति को झुठलाता सत्य ! सत्य शिव है, सत्य सुन्दर है, दैवी रूप को नोचता सत्य , स्त्री की हर अवस्था को भोगता सत्य, नारी संघर्ष को अमर बनता सत्य ! सत्य शिव है, सत्य सुन्दर है , रावण अहंकार में हरण सीता का, चंद शब्दों का मान, निर्वासन सीता को, राम-रावण पहलू समाज के, धरती समाई सीता ! सत्य शिव कहाँ है , सत्य सुंदरम कहाँ है , सत्य तो दानव बन बैठा है , मूल प्रकृति से भ्रम में जीता !!!


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