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Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 95,अक्तूबर(द्वितीय), 2020

जय माता की

जय प्रकाश भाटिया

जय माता की, नवरात्र में नव देवी चमत्कार प्रथम देवी मां शैलपुत्री ,हर बाधा को दूर करे, पर्वत जैसी विपदा को भीं पल में माता चूर करे, द्वितीय माता ब्रह्मचारिणी शीतलता की देवी है, मन को सुख और शांति देकर हर चिंता हर लेती है, तृतीय देवी मां चंद्रघंटा परम शांति की वाहक है, भक्तो के कल्याण हेतु माँ का सिमरन फल दायक है, चतुर्थ देवी कुष्मांडा का तेज सूर्य रूप सा व्यापक है चहुँ और ज्योति रूप में जन जन की माँ पालक है , पंचम देवी सकंदमाता की पूजा में जो शीश नवाता है, अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान की ज्योति जलाता है, षष्ठी देवी माँ कात्यायनी ,आरोग्य का रस प्रदान करे, माता की शरण जो आये मां उसके रोग निदान करे, सप्तम देवी कालरात्रि मां द्वार सफलता के खोले , उस का बेडा पार करे जो मन से माता की जय बोले , अष्टम देवी महागौरी महाशांति का फल देती है, मन को मिलता संतोष जहाँ माता की ज्योति जलती है, नवम देवी मां सिद्धिदात्री सिद्ध करे हर दुष्कर काम , जो भी माँ की शरण में आया ,उसका जग में ऊंचा नाम.


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