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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 71, अक्टूबर(द्वितीय), 2019

भाई-भाई

राजीव कुमार

बटवारे को लेकर दो भाई श्याम और विजय में तनातनी हो गई। दोनों भाई एक दूसरे की बात सुनने को राजी नहीं थे। श्याम अैर विजय बँटवारे के लिए अपने पिता पर दवाब बनाए रहते थे।। माँ तो दो साल पहले स्वर्ग सिधार चुुुकी थी। श्याम और विजय के पिता किशुन साव अपनी पत्नी को खोकर बहूत दूखी थे।ं किशुन साव जानते थे कि बँटवारे के बाद भी दोनों भाई झगड़ते रहेंगे। किशुन साव दोनों बेटों को खोने के डर से बँटवारे को टालते रहे और एक दिन बँटवारा किए बिना ही भगवान को प्यारे हो गए। दोनों भाई क्रिया-कर्म में लग गए। अभी किशुन साव की तेरहवीं खत्म भी नहीं हुई कि श्याम के चाचा ने श्याम से कहा ’’ देखो श्याम, वो जो नदी किनारे की जमीन है न, सोना है सोना। अब कोई आदमी इतना बेवकुफ नहीं है जो इतने उपजाउ जमीन को छोड़ देगा और कोई इतना पागल भी नहीं है जो उस जमीन का बँटवारा होने देगा। आगे तुम दोनों भाई समझदार हो। कोई सलाह चाहिए होगी तो हमको याद कर लेना। भगवान भइया की आत्मा को शांति दे। ’’ विजय की चाची ने विजय से कहा ’’ तुम्हारे पिता जी मरते-मरते झगड़ा लगवा गए। दोनों भाइयों में किसी ने तो उनकी अधिक सेवा की होगी। उसको तो

ज्यादा हिस्सा मिलना ही चाहिए। खैर अब तो भगवान ही मालिक है। भगवान दोनों भाइयों में शांति बनाए रखे।’’ क्रिया-कर्म खत्म होने तक श्याम अपने चाचा की कही हुई बात सोचता रहा और विजय अपनी चाची की। दोनों ने अपने दिलो-दिमाग में जहर घोल लिया। दोनों भाई देर रात तक बँटवारे को लेकर बात करने बैठे और सोच ही रहे थे कि शुरू किस बात से और किस सामान से किया जाए। तभी दोनों भाइयों ने अचानक सुना कि ’’ दिपु की माँ, मैंने श्याम के अन्दर ऐसा जहर घोला है कि बँटवारा तो होकर ही रहेगा और दोनों भाई बँटवारे से संतुष्ट न होकर एक दुसरे से झगड़ा करेंगे। जिसका पुरा फायदा हमलोग उठाएंगें। दिपु के पापा मैंने भी विजय के अन्दर ऐसी आग लगाई है कि दोनों भाई एक दुसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे।’’ दोनों भाइयों को अपनी गलती का एहसास हुआ , श्याम और विजय एक दुसरे के गले मिले और सो गए। सुबह जब चाचा और चाची ने बँटवारे के बारे में पुछा तो दोनों भाइयों ने एक साथ ही जवाब दिया ’’ हम लोगों में अब कभी बँटवारा नहीं होगा। दोनों भाई साथ ही रहेंगे। ’’ चाचा और चाची एक दुसरे का मँह देखने लगे। उनका चलाया हुआ तीर नाकाम हो चुका था।


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