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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 71, अक्टूबर(द्वितीय), 2019

गुजारिश

विकास त्रिपाठी

मोहब्बत उनकी है तो सादगी हमारी भी है, खता उनकी है तो गुजारिश हमारी है, शरीर हमारा है तो दिल उनका है, मेरी हर धड़कन पर नाम है उनका अगर वो खफा हो गए हमसे तू रुक जाएंगी सांसे हमारी। वो जान नहीं जिंदगी है हमारी, उसकी मुस्कान है ताकत मेरी वही है हर मंजिल की साथी हमारी। लाख आए हमारे जीवन में मुश्किलों की घरी मिलके उस घरी मुस्कुराना है हमें, हमें जीवन में सभी रंगों को पिरोना है अपनों का दामन खुशियों से भरना है। उनका हौसला बनकर आगे चलना है हमें, तुम हर घरी साथ देना मेरा तुम तमन्ना नहीं हकीकत हो मेरी। मोहब्बत तुम्हारी है तो दीवानगी हमारी भी है, खुदा से गुजारिश है दे दे एक दुआ हमें, मुकम्मल हो जाए मोहब्बत हमारी, खुशियों से भर जाए दामन उनका, पूरी हो जाएगी हर ख्वाहिश हमारी।


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