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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 71, अक्टूबर(द्वितीय), 2019

लाली लाली

प्रिया देवांगन "प्रियू"

लाली लाली चूड़ी माँ के , लाली बिंदी लगाये हे। बघवा मा हे बइठे दाई , मोर दुवारी आये हे।। लाली लाली सिंदूर माँ के , लाली महुर रचाये हे । सबला अशीष दे के माता , मने मन मुस्काये हे ।। लाली लाली होंठ हवय माँ , लाली मेंहदी लगाये हे । दया मया सब बर करथे माँ , नव दिन बर वो आये हे ।। लाली लाली लुगरा माँ के , लाली चुनर चढ़ाये हे।। हाथ जोड़ के भक्त सबोझन , माथा अपन नवाये हे।।

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