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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 71, अक्टूबर(द्वितीय), 2019

दीप जलायें

प्रिया देवांगन "प्रियू"

आओ साथियो दीप जलायें , मिलकर हम खुशियां मनायें। दीपक से रौशनी जगायें , अंधियारी को दूर भगायें। एक एक दीप जलाकर हम जग में उजाला लायें । छोटे बड़े सब मिलकर दीवाली का त्योहार मनायें । मीठे मीठे पकवान बनाकर मिल बांट कर हम खायें । करे शरारत बच्चे मिलकर फुलझड़ी घर पर जलायें । आओ साथियो दीप जलायें मिलकर हम खुशियां मनायें।।

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