मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 71, अक्टूबर(द्वितीय), 2019

छोटे-छोटे बच्चे

डॉ. श्रीमती रश्मि नायर

छोटे-छोटे बच्चे,दुलारे भारत माँ के दिल के सच्चे और इरादों के पक्के हैं ये नन्हे सिपाही करते हैं सलाम तुझे ओ भारत माँ (2) करते हैं वादा तुझसे कर देंगे कुर्बान जीवन सारा अपना है अब यही इरादा जीवन भर गाते रहें आजादीके तराने छोटे-छोटे बच्चे,दुलारे भारत माँके दिलके सच्चे और इरादों के पक्के हैं ये नन्हे सिपाही (ओ भारत माँ) करने हैं सपने पूरे बापूजी के, आराम है हराम अब हमारे लिए जय जवान और जय किसान गर मिल जाये तो ,कौन सी वो मंजिल है जो ना मिले पाये,जन्मसिद्धअधिकार हमारा आजादी की रक्षा करना ( ओ भारत माँ) ये है नन्हें सिपाही (2) छोटे-छोटे बच्चे, दुलारे भारत माँ के दिलके सच्चे और इरादों के पक्के हैं ये नन्हे सिपाही


कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें