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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 71, अक्टूबर(द्वितीय), 2019

आओ हम स्कूल चलें

राजीव डोगरा

आओ हम स्कूल चलें नव भारत का निर्माण करें। छूट गया है जो बंधन भव का आओ मिलकर उसको पार करें, आओ हम स्कूल चलें ..... जाकर स्कूल हम गुरुओं का मान करें बड़े बूढ़ों का कभी न हम अपमान करें, आओ हम स्कूल चलें....... जाकर स्कूल हम दिल लगाकर पढ़ेंगे मौज मस्ती और खेलकूद भी खूब करेंगे, आओ हम स्कूल चलें....... क ख ग का गान कर हम हिंदी का मान बढ़ाएंगे। एक दो तीन चार पढ़ कर गणित का ज्ञान भी करेंगे। आओ हम स्कूल चलें.......


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