Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 47, अक्टूबर(द्वितीय) , 2018


नहीं हौसला खोना यारो


नरेंद्र श्रीवास्तव


             
नहीं हौसला खोना यारो।
हिम्मत रख,न रोना यारो।।

ओढ़ो अंबर समझ के चादर।
धरती बनाओ,बिछौना यारो।।

निष्ठा,नेह,त्याग,उदारता।
पहले दिल में होना यारो।।

झूठे और चालाक फ़रेबी।
कभी संग में, न लो यारो।।

यूँ संघर्षों से लड़ना सीखो।
मानो खेल-खिलौना यारो।।

तन-मन में विश्वास जगे तो।
सब कुछ होगा बौना यारो।।
 

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें