Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 47, अक्टूबर(द्वितीय) , 2018


पुस्तक पढ़ना है


डॉ.प्रमोद सोनवानी पुष्प


                   

पुस्तक हमको पढ़ना है ।
जीवन बढियाँ गढ़ना है ।।

आगे बढ़ते जाना है ।
धीरज कभी न खोना है ।।

जोत ज्ञान की सदा जलाकर ।
अँधेरा दूर भगाना है ।।

अच्छा बालक बनकर हमको ।
भारत नया बनाना है ।।


कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें