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वर्ष: 3, अंक 47, अक्टूबर(द्वितीय) , 2018



पिकनिक


काशवी दता


एक बार जंगल मे पशु पक्षियों ने पिकनिक का कार्य क्रम बनाया।सभी समय पर इक्कठे हुए।सारा दिन तरह तरह के मनोरंजक खेल, गीत, नाच हुआ। दोपहर को सब की पसंद का खाना। थोड़ी देर बाद मोर ने सबको एक जरुरी सूचना दी।सुनो सब, अब होगी ईनामों की घोषणा।सब ने खुशी जाहिर की।

सब से पहले जो पक्षी पूरे संसार को अपनी आवाज से जगाता है,उसे हम सूरज के आकार का मेडल देते हैं क्योंकि जागने पर सूर्य देवता दिखते हैं। अपनी कलगी को हिलाते हुए मुर्गा जी आए।धन्यवाद दिया।

उसके बाद हम उल्लू को बुलाते हैं।यह रात भर जाग कर जंगल की रखवाली करता है इन्हें चाँद के आकार का मेडल देते हैं। अब कोयल को बुला कर मीठी आवाज के लिएआम के आकार का मेडल दिया जाता है।कोयल ने मधुर आवाज मे धन्यवाद दिया। जब मोर ने चील को बुलाया तो सबको आश्चर्य हुआ, मोर ने कहा यह पक्षी. मरे हुए जीवों को खाकर जंगल ही नही पूरा वातावरण स्वच्छ रखता है इसे सात रंगो वाला स्वच्छता मेडल दिया जाता है।

छोटी चिडिया बार बार चीं चीं करके बोलना चाह रही थी , आगे आकर बोली अब मेरी सुनो आज के कार्यक्रम के

संचालक को सब की तरफ से फूलों की माला। सभी ने एकदूसरे को बधाई दी। अगले साल इससे भी बडा आयोजन करने की बात करके अपने अपने घरो मे गए।


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