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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 70, अक्टूबर(प्रथम), 2019

नेमिचंद जैन जन्म शताब्दी

डॉ शुभा श्रीवास्तव

नटरंग प्रतिष्ठान ने नेमिचंद जैन के जन्म शताब्दी अवसर पर 16 सितंबर 2019 को साहित्य अकादमी सभागार नई दिल्ली में “उपन्यास पर एकाग्र” विषयक विचार गोष्ठी आयोजित की | दिल्ली में नटरंग प्रतिष्ठान द्वारा चार गोष्ठी जिसमें प्रथम उपन्यास, द्वितिय कविता, तृतीय रंगमंच और चतुर्थ संस्कृति आयोजित करने का प्रस्ताव है। इनमें से प्रथम संगोष्ठी 16 सितंबर 2019 को वरिष्ठ कथाकार मृदुला गर्ग की अध्यक्षता में संपन्न हुई। पहला सत्र में नेमी जी की उपन्यास दृष्टि पर प्रसिद्ध कथाकार अल्पना मिश्र ने प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नेमी जी ने अधूरे साक्षात्कार में नदी के द्वीप की नायिका रेखा की तुलना पीड़ा के संदर्भ में मीराबाई से की है। नेमि जी बिना किसी पूर्वाग्रह के नदी के द्वीप, मैला आंचल आदि पर दृष्टिपात करते हैं। विचार विमर्श सत्र में डॉ शुभा श्रीवास्तव ने नेमि जी के उपन्यास सम्बंधि आलोचना पक्ष को अधूरे साक्षात्कार के संदर्भ में प्रस्तुत किया और यह बताया कि नेमी जी ने अधूरे साक्षात्कार में जिन उपन्यासों की समीक्षा की है बाद में उनके संदर्भ में अपने कुछ विचार भी बदले हैं। नेमी जी का मानना है कि कभी भी समीक्षा में पूर्वाग्रह नहीं होना चाहिए और वर्तमान समय में नायक की परिकल्पना पूरी तरह से ध्वस्त हुई है। इसके अतिरिक्त डॉक्टर शुभा श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि नेमी जी पात्र और परिवेश के साथ समायोजन को महत्व देते थे। इसके पश्चात दूसरे सत्र में वरिष्ठ समीक्षक सुजाता जी ने उपन्यास : कल्पना और यथार्थ पर अपना निबंध प्रस्तुत किया जिसमें वह नेमिचंद्र जैन से होते हुए वर्तमान समय में मनीषा कुलश्रेष्ठ तक जाती हैं। इसके पश्चात विचार विमर्श सत्र में अशोक वाजपेई जी ने अपने विचार रखे और नेमि जी के समीक्षा पक्ष पर व्यापक प्रकाश डाला। तीसरे सत्र में आलोचक आशुतोष भारद्वाज ने उपन्यास की वैचारिक सत्ता पर गहनता से विचार प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में उमाशंकर चौधरी, सुजाता, अल्पना मिश्र, गीतांजलि श्री और मृदुला गर्ग ने उपन्यास अंशों का पाठ भी किया। नेमीचंद जैन के शताब्दी समारोह के लिए व्यापक कार्यक्रम नटरंग प्रतिष्ठान ने आयोजित किया है। नेमीचंद जैन की कविताओं पर ‘साक्षात्कार अधूरे हैं’ नाट्य प्रस्तुति भी प्रस्तुत की गई। नटरंग प्रतिष्ठान की निदेशक रश्मि वाजपेई जी ने बताया कि उपर्युक्त संगोष्ठी के अतिरिक्त नेमी जी के पुरस्कृत नाटकों का नाटक पाठ तथा उनसे संबंधित पुस्तक का प्रकाशन नेमीचंद्र रचनावली जिसके संपादक नंदकिशोर आचार्य व ज्योतिष जोशी द्वारा होगा इसकी जानकारी दी। उपर्युक्त कार्यक्रम में नेमी छवि वीथी {फोटो एग्जिबिशन} की भी सुंदर प्रस्तुति हुई। मृदुला गर्ग जी की अध्यक्षता में कार्यक्रम पूरी तरह से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


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