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वर्ष: 4, अंक 70, अक्टूबर(प्रथम), 2019

जब 'मीडिया को फांसी दो'पुस्तक को देख अमिताभ के मुंह से निकला 'बाप रे'
दादा साहब फाल्के विजेता अमिताभ बच्चन

डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उनको इस पुरस्कार के लिए चयनित किये जाने की घोषणा की और इस उपलब्धि के लिएअमिताभ बच्चन को बधाई दी है.

दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला फिल्मी दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान है. यह किसी व्यक्ति विशेष को भारतीय सिनेमा में उसके फिल्मी क्षेत्र में आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है. इस पुरस्कार के तहत 10 लाख रुपये और स्वर्ण कमल प्रदान किये जाने की व्यवस्था है.

सन 2018 में फ़िल्म अभिनेता विनोद खन्ना को इस सम्मान से नवाजा गया था. अमिताभ बच्चन को मिलने वाला यह 66वां दादा साहब फाल्के सम्मान होगा.

इस पुरस्कार की शुरूआत दादा साहब फाल्के के जन्म शताब्दि-वर्ष 1969 से हुई और उस वर्ष पहली बार यह सम्मान अभिनेत्री देविका रानी को प्रदान किया गया था।अमिताभ बच्चन ने सम्मान मिलने की सूचना मिलने पर अपने टि्वटर पर लिखा, 'मेरे पास शब्द नहीं हैं। कृतज्ञ हूं मैं, परिपूर्ण, आभार और धन्यवाद ... मैं केवल एक विनयपूर्ण , विनम्र अमिताभ बच्चन हूं।'

अमिताभ बच्चन के बेटे और अभिनेता अभिषेक बच्चन ने भी अपने ट्विटर पर इस सम्मान के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लिखा,' बहुत अधिक खुशी और गर्व!' वहीं अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन ने भी इंस्टाग्राम पर पिता की पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए बधाई दी है।

76 वर्षीय अमिताभ बच्चन अभी भी भारतीय सिनेमा में पूरी तरह से सक्रिय हैं. सन1969 में फिल्म सात हिंदुस्तानी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अमिताभ बच्चन हिंदी सिनेमा को अब तक अनेक सुपर हिट फिल्में दे चुके हैं. उम्र के इस पड़ाव में भी उनके पास फिल्मों की कोई कमी नहीं है. अमिताभ की आने वाली फिल्मों की बात करें तो वह आने वाले समय में झुंड, साय रा नरसिम्हा रेड्डी, तेरा यार हूं मैं, बटरफ्लाई, AB यानि CD, ब्रह्मास्त्र, चेहरे और गुलाबो सिताबो में काम करते दिखाई पड़ेंगे।

फिल्म साय रा नरसिम्हा रेड्डी का ट्रेलर हाल ही में रिलीज किया गया है जिसमें अमिताभ एक ऋषि का किरदार निभा रहे है। बिग बी बडे़ पर्दे के अलावा छोटे पर्दे पर भी सक्रिय है और उनका रियलिटी क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति काफी लोकप्रिय है.इसी शो पर बतौर अतिथि मुझे भी सन 2012 में सपरिवार भाग लेने का अवसर मिला था।धारावाहिक कौन बनेगा करोड़पति की पांच घण्टे तक चली शूटिंग के दौरान मैं,मेरी पत्नी सुनीता, बेटा निशांत,बेटी श्रद्धा व मेरे बहनोई चंद्रकांत शर्मा जो कि भाभा परमाणु अनुसन्धान संस्थान मुम्बई में वैज्ञानिक है,को अमिताभ बच्चन का सानिध्य प्राप्त करने व वही भोजन करने का सौभाग्य मिला।शो के बाद जब मैंने उन्हें अपनी दो पुस्तकें भेंट की तो मीडिया को फांसी दो पुस्तक को देख उनके मुहं से निकल पड़ा,'बाप रे' फिर उन्होंने पुस्तक के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उन्हें पढ़ने व अपनी लाइब्रेरी में रखने का भी वायदा किया।

हिन्दी साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन के सुपुत्र अमिताभ बच्चन ने सन1970 के दशक के दौरान बड़ी लोकप्रियता प्राप्त की और तब से भारतीय सिनेमा में वे सबसे प्रमुख व्यक्तित्व बन गए । अमिताभ ने अपने फिल्मी सफऱ के दौरान अनेक पुरस्कार जीते हैं, जिनमें हाल ही में उदघोषित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और बारह फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार सम्मिलित हैं। उनके नाम सर्वाधिक सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फ़िल्मफेयर अवार्ड का रिकार्ड भी है। अभिनय के अलावा बच्चन ने पार्श्वगायन, फ़िल्म निर्माण, टीवी प्रस्तोता और भारतीय संसद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में सन 1984 से 1987 तक जिम्मेदारी निभाई ।

एक रहस्य यह भी है कि बच्चन का कभी इंकलाब नाम रखा गया था ,जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रयोग में किए गए प्रेरित नारे इंकलाब जिंदाबाद से लिया गया था। लेकिन बाद में नाम परिवर्तन कर अमिताभ बच्चन नाम रख दिया गया, जिसका अर्थ है, "ऐसा प्रकाश जो कभी नहीं बुझेगा"। हालांकि जातिगत दृष्टि से अमिताभ का सरनेम श्रीवास्तव है। लेकिन अब अमिताभ व उनके परिवार को बच्चन परिवार के रूप में जाना जाता है।

हरिवंश राय बच्चन के वे बड़े बेटे है ,छोटे बेटे का नाम अजिताभ बच्चन है। इनकी माता की थिएटर में गहरी रुचि थी और उन्हें फ़िल्म में भी रोल की पेशकश की गई थी किंतु इन्होंने गृहणी बनना ही पसंद किया। उनके पिता का देहांत सन 2003 में हो गया था जबकि उनकी माता की मृत्यु सन 2007 में हुई थीं।

अमिताभ बच्चन ने दो बार एम. ए. की उपाधि प्राप्त की है। मास्टर ऑफ आर्ट्स इन्होंने इलाहाबाद के ज्ञान प्रबोधिनी से किया। जबकि इलाहाबाद से ही हाई स्कूल और उसके बाद नैनीताल के शेरवुड कॉलेज में पढ़ाई की । अमिताभ बाद में अध्ययन करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज चले गए जहां इन्होंने विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की। अपनी आयु के 20 वें दशक में बच्चन ने अभिनय में अपना कैरियर आजमाने के लिए कोलकता की एक शिपिंग फर्म बर्ड एंड कंपनी में किराया ब्रोकर की नौकरी छोड़ दी थी।जो उनके जीवन का सबसे अच्छा निर्णय सिद्ध हुआ

3 जून, 1972 को अमिताभ बच्चन ने अभिनेत्री जया भादुड़ी से विवाह कर किया। जिनके दो बच्चे बेटी श्वेता और पुत्र अभिषेक पैदा हुए,जिनमे अभिषेक ने फिल्मी दुनिया को ही अपनी आजीविका का साधन बनाया ।


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