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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 70, अक्टूबर(प्रथम), 2019

हाथ की लकीरें

पवनेश ठकुराठी 'पवन'

ज्योतिषी ने युवक के हाथ देखे और कहा- "बेटा, तुम्हारा भविष्य उज्जवल है। तुम एक दिन बहुत बड़े आदमी बनोगे।"

युवक ने पूछा- "आप ऐसा कैसे कह रहे हैं ?"

ज्योतिषी ने जवाब दिया- "तुम्हारे हाथ की लकीरें बता रही हैं बच्चा !"

युवक ने कहा- "अगर आप हाथ की लकीरें देखकर भविष्य बता देते हैं तो अपना हाथ क्यों नहीं देख लेते हैं। मुझे आपका भविष्य जानना है।"

ज्योतिषी निरूत्तर हो गया।


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