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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 70, अक्टूबर(प्रथम), 2019

हाइकु

डॉ. प्रेमलता चसवाल 'प्रेमपुष्प'

१. बगिया धानी बुलबुल चहके बिटिया रानी २. झुकी है डाली फूली फली बगिया हंसा हरिया ३. आया अंधड़ अपनों को संभाले चक्रवात से ४. देखा सबने ऊँची उड़ान भरें ज्ञान के पाखी ५. नीले नभ में सतरँगी छवि-सी ख़ुशी बेटी की ६. जल प्लावन न दिखे घर-बार अँधा प्यार ७. बरखा आई जलमग्न धरती इंद्र दुहाई ८. पेड़ नहाये अंकुर आए नव जन हर्षाये ९. नदी हुंकारे जीव-जन्तु व्याकुल कौन उभारे

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