मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 97,नवम्बर(द्वितीय), 2020

समय की चाल

वेद प्रकाश गुप्ता

समय के साथ चलना सीखो, समय के साथ ढलना सीखो। इसकी वेग में है ओ धार, जीवन को कर देगा पार।। मिला लिये जो समय से चाल, कर लोगे अपनी मंजिल को पार। अगर पकड़ नहीं समय पर तुम्हारी, जीवन भी लगने लगेगा भारी।। अंत समय जब आ जायेगा, कुछ बाकी न रह जायेगा। सिर्फ अफ़सोस निहारेगी हमको, जीवन समय से विवश हो जायेगा।।

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें