Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 49, नवम्बर(द्वितीय) , 2018



जला के रख दिया दिल


पीताम्बर दास सराफ "रंक"


                         
जला के रख दिया दिल
मसल के धर दिया दिल।।१।।

क्यौं आये यहाॅ॓ तुम
दरद से भर दिया दिल।।२।।

हमारे पास थे तुम
कहाॅ॓ पे रख दिया दिल।।३।।

हमारे तुम ख़ुदा थे
तभी झटपट दिया दिल।।४।।

क्यौं छोड़ा हमें अब
महज़ इक पल दिया दिल।।५।।

"रंक"सब कुछ लुट चुका
चिता पे रख दिया दिल।।६।।
 

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें