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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवंबर(प्रथम), 2019

भोजपाल साहित्य संस्थान , भोपाल की मासिक काव्य गोष्ठी
दिनांक 19 अक्टूबर 2019 को भोपाल में संपन्न

साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय संस्था , भोजपाल साहित्य संस्थान , भोपाल की मासिक साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन दिनांक 19 अक्टूबर 2019 को भोपाल हाट परिसर स्थित ’9 एम मसाला रेंस्तरां’ में किया गया। कार्यक्रम संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुदर्शन सोनी की अध्यक्षता , श्री प्रियदर्शी खैरा के मुख्य आतिथ्य व वरिष्ठ साहित्यकार द्वय श्री अशोक निर्मल व श्री वीरेंद्र जैन के विषिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्र म में बडी़ संख्या में साहित्यकार व साहित्य पे्रमी उपस्थित थे ।

कार्यक्रम में उपस्थित श्री अशोक व्यास द्वारा व्यंग्य ’लीव आऊट’ यानि छोड़ छुट्टा का पाठन किया गया। , फरमान जियाई द्वारा गजल ’ कैसे कह दूं दुआ में असर हो गयी उनकी मुझ पर नजर हो गयी’ , अजीम असर द्वारा ’दिल में आकर बसंू तो जानूं’ पद्युम्न ष्षर्मा द्वारा ’ पास आते ही किनारा कर लिया जाने क्या तुमने इरादा कर लिया’ , दीपक पगारे द्वारा ’ मुनिया अक्सर संवरती है पडो़स वाली नीलू दीदी की तरह’ ,तो घनष्याम मैथिल द्वारा ’विकास के नाम पर जंगल पर चले आरे’ गीतकार श्री अषोक निर्मल द्वारा गीत ’ठीक है अपने घर न बुलाया करो’ , संस्था के अध्यक्ष श्री प्रियदर्षी खैरा द्वारा ’गांव में दिल मिलते थे हम तो राजा है मन के’ , तो कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुदर्षन सोनी द्वारा सषक्त व्यंग्य ’नौकरी धूप सेंकने’ का पाठन किया गया।

वरिष्ठ साहित्यकार श्री वीरेंद्र जैन द्वारा ’ये गोल गोल न लंबे हैं न छोटे ये बिन पैंदी के लौटे हैं’ का पाठन किया। कार्यक्रम का संचालन श्री कमलेष द्वारा व आभार प्रदर्षन संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुदर्षन कुमार सोनी द्वारा किया गया।

प्रियदर्शी खैरा
अध्य़क्ष भोजपाल साहित्य संस्थान
90-91, यशोदा विहार , भोपाल
मध्यप्रदेश।


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