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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवम्बर(प्रथम), 2019

*मनोज कुमार सामरिया की कृति सिंहनाद का विमोचन सम्पन्न*

*कविता अंधेरों से लफ्जों की लड़ाई है:-अनजाना*

भवानीमंडी:- बोधि प्रकाशन सभागार जयपुर में शनिवार को राजस्थान के कवि,साहित्यकार मनोज कुमार सामरिया की कृति सिंहनाद का विमोचन किया गया।

विमोचन समारोह के मुख्य अतिथि टीकमचंद बोहरा अनजाना, विशिष्ट अतिथि रिखबचंद रांका कल्पेश एवम आजाद पूरण सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एस भाग्यम शर्मा ने की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि बोहरा ने कहा कु कविताएं स्वराज के पक्ष में जान पड़ती है जिनमें राष्ट्र की विकराल समस्याओं के समाधान की कल्पना अनूठी है।कवि का व्यथित ह्रदय स्थितियों में बदलाव चाहता है। उन्होंने देशप्रेम की उद्दात भावनाओं से प्रेरित कविताओं का भी उल्लेख किया।अनजाना ने कविता संग्रह की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि कवि ने भृष्ट नेताओं और धर्म के नाम पर पाखण्ड करने वालों पर कड़ा प्रहार किया है। कविता अँधेरो से लफ्जों की लड़ाई है यह आरती और स्तुति नहीं है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही कथाकार व अनुवादक एस भाग्यम ने कहा कि नई पीढ़ी के विचार और उनका सृजन उत्साहित करता है। उन्होंने सिंहनाद कृति की विभिन्न कविताओ के उद्धरण प्रस्तुत किये।

विशिष्ट अतिथि कल्पेश ने कहा कि प्रस्तुत कृति की रचनाएं देशभक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।

आजाद पूरण सिंह ने कहा कि सिंहनाद की कविताओं के जरिये सामाजिक बुराइयों पर मार्मिक प्रहार किया है।

इस मौके पर सामरिया ने अपनी कृति की चुनिदा रचनाएँ प्रस्तुत की।

विमोचन समारोह में सावित्री चौधरी फारूक अफरीदी मायामृग नूतन गुप्ता शिवानी शर्मा रेनू शर्मा नवल पांडे पल्लवी सहित कई साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।

समारोह का शानदार संचालन विजयलक्ष्मी जांगिड़ विजया ने किया। काव्य संग्रह मनोज कुमार सामरिया मनु को साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी कवि राजेश पुरोहित ने बधाई व शुभकामनाएं दी।


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