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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवंबर(प्रथम), 2019

भोपाल के ओज कवि को हिंदी गौरव सम्मान

भोपाल। ‘‘मेरा नाम तिरंगा है’’कविता पाठ के लिए भोपाल के ओज कवि भरत सिंह रावत का तेलंगाना के निजामाबाद इन्दूर में सम्मान किया गया। गीत पूर्णिमा इन्दूर संस्था की ओर से कवि भरत सिंह रावत को देश प्रेम से ओतप्रोत श्रेष्ठ रचना पाठ के लिए हिंदी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

निजामाबाद स्थित इन्दूर के राजिस्थानी भवन में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में जब भरत सिंह रावत ने रचना ‘‘मेरा नाम तिरंगा है’’ का काव्य पाठ किया तो सारा हाल तालियों और भारत माता की जय से गूंज उठा, सभी श्रोताओं ने अपने स्थान पर खड़े होकर भोपाल के रचनाकार का उत्साहवर्धन किया, यही नहीं श्रोताओं ने एक बार फिर से यही कविता को पढ़ने का अनुरोध किया। तब पुनः ओज कवि ने अपना रचना पाठ किया।

इस अवसर पर भरत सिंह रावत को इन्दूर हिंदी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया, अहिंदी क्षेत्र में हिंदी प्रेम की अनूठी मिसाल बने इस कार्यक्रम को राजिस्थानी समाज प्रतिवर्ष आयोजित करता है, एक हजार व्यक्तियों की क्षमता वाले राजिस्थानी भवन के सभागार में कोई भी सीट खाली नहीं थी, रात्रि तीन बजे तक श्रोताओं की भीड़ जमी रही।

जो पंक्तियां भरपूर सराही गईं वे इसप्रकार हैं:-

मुझको तो सम्मान मिला है मेरे तीनों रंगों से, किंतु बहुत पीड़ा झेली है मैंने क़ौमी दंगों से, हर मजहब और हर जाति का इंसा मुझको प्यारा है, कोई भी भाषा भाषी हो मेरी आंख का तारा है, रामायण भी मेरी ही है, और कुरान भी मेरा है, मेरा ही अल्ल्लाह, खुदा, है और भगवान भी मेरा है, मुझको धनवाला भी प्यारा, प्यारा भूखा नंगा है, हिंदुस्तान की आन वान हूं , मेरा नाम तिरंगा है,,

आशीष श्री
8871584907


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