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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवंबर(प्रथम), 2019

साहित्यकार डॉ दिग्विजय शर्मा को 'विद्यासागर' की मानद उपाधि से किया सम्मानित।

हिंदी के लिए समर्पित प्राचीन संस्थान विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ भागलपुर (बिहार)का 23वां अधिवेशन दीक्षांत समारोह महाराष्ट्र की प्रादेशक शाखा वर्धा सेवाग्राम 12- 13 अक्टूबर को आयोजित किया गया। आयोजन में देश के कोने-कोने से साहित्यकार , विद्वान उपस्थित हुए सभी को अनेक उपाधियों से अलंकृत किया गया। जिसमें डॉ दिग्विजय शर्मा का नाम मुख्यरूप से रहा।

इस अवसर पर इनके हिंदी के प्रचार प्रसार के उल्लिखित एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए आगरा के शिक्षाविद, साहित्यकार डॉ दिग्विजय शर्मा को विद्यापीठ की अकादमिक परिषद की अनुसंशा पर हिंदी की सर्वोच्च उपाधि 'विद्यासागर' डी.लिट. की मानद उपाधि से अलंकृत कर सम्मानित किया गया है। समारोह में विशिष्ट अतिथि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति व विद्यापीठ के अधिष्ठाता माननीय डॉ योगेंद्रनाथ शर्मा 'अरुण', विद्यापीठ के कुलपति डॉ तेजनारायण कुशवाह, मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ देवेंद्रनाथ शाह, महाराष्ट्र शाखा के उपकुलपति डॉ सम्भाजी बाविश्कर, उपकुलसचिव डॉ प्रेमनाथ पांडेय व उपकुलसचिव डॉ गोपाल नारसन साथ ही विद्यापीठ की शाखाओं के समस्त अधिकारीगण उपस्थित रहे।

आपको बता दें कि साहित्यकार डॉ दिग्विजय शर्मा को सुदीर्घ हिंदी सेवा व सारस्वय साधना के लिए पूर्णतः समर्पित हैं हिंदी की सभी विधाओं में लिखते आ रहे हैं , विगत 15 वर्षों से साहित्य के क्षेत्र में अपनी लेखनी के दम पर अलग पहचान बनाई है। साहित्य जगत में अनेक उपलब्धियां अर्जित की हैं, इनकी महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर अनेक राष्ट्रीय , अंतरराष्ट्रीय स्तर की सामाजिक, साहित्यिक, शैक्षणिक नामचीन संस्थाओं ने साहित्यकार डॉ शर्मा को अनेक सम्मानों से सम्मानित किया गया। शिक्षाविद , साहित्यकार डॉ दिग्विजय शर्मा को यह उपाधि और सम्मान मिलने पर आगरा शहर की अनेक साहित्यक एवं सामाजिक संस्थाओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई प्रेषित की साथ ही उन्होंने सभी का आभार अभिवादन व्यक्त किया।


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