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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवंबर(प्रथम), 2019

दिल फिदा हो गया देखते देखते

प्रीती श्रीवास्तव

दिल फिदा हो गया देखते देखते। जाने क्या हो गया देखते देखते।। इक हसीं हमसफर मिल गया राह में। मेहरबां हो गया देखते देखते।। आँख टकरा गयी जाने कैसे सनम। दम हवा हो गया देखते देखते।। कुछ न पूछो के क्या हो गया यार फिर। गम दवा हो गया देखते देखते।। हो गया इश्क फिर बात ही बात में। दिल रजा हो गया देखते देखते।।

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