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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवंबर(प्रथम), 2019

मेरे अल्फाज़ तुम्हारे साथ .....

वीरेन्द्र कौशल

अरे वाह ..... ज़िन्दगी तो जलेबी की तरह एक दम सीधी है न कमाल ..... अरे वाह ...... विशेष दिन ..... करवा चौथ पर विधिविधान से पूजा अर्चना है न कमाल अरे वाह ...... बाकी दिन ...... फिर बकरे की तरह हलाल ...... है न कमाल अरे वाह ..... अरे वाह .....


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