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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवंबर(प्रथम), 2019

बात उनकी ही करनी है

रवि प्रभात

बात उनसे नहीं करनी पर बात उनकी ही करनी है मिल जाते हैं कई लोग पर राह उनकी ही तकनी है साथ छोड़ना या छूट जाना ये किस्मत की बात है पर पल पल हर पल याद उन्ही की करनी है वो कुछ बोले या कुछ सोचें ये तो है अंदाज़ उनका मगर सारी गलतियां माफ़ उनकी ही करनी है उनकी ख्वाहिशें वो जानें इससे मेरा राब्ता न सही पर मुझे सारी ख्वाहिशें पूरी उनकी ही करनी है बात उनसे नहीं करनी पर बात सारी दुनिया से उनकी ही करनी है


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