मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवंबर(प्रथम), 2019

करवा चौथ का व्रत

प्रिया देवांगन "प्रियू"

करवाचौथ का व्रत रखती है , पति की उम्र बढ़ाने को। न कुछ खाती है न ही कुछ पीती हैं , पति की उम्र बढ़ाने को।। देखो इस संसार की नारी , क्या कुछ नही करती है। दिन भर भूखे रह कर भी , सबकी सेवा करती है।। पति मेरा दीर्घायु हो , ईस्वर से प्रार्थना करती है। जब भी कोई संकट आये , पहले वह लड़ती है।। करवाचौथ का व्रत करके , निर्जला उपवास रखती है। पति के घर आने का , इंतजार बहुत वह करती है।। चाँद दिखने का आश लगाए , बैठे रहती है छत पर। सोलह श्रृंगार करके वह , सजी रहती है घर पर।। जब चाँद निकल आता है , पानी वह पीती है। चलनी में चाँद देख कर , पति की पूजा करती है।। पति के हाथों से जल पी कर , मन शांत करती है। फलाहारी को खा कर वह , मन में खुशियां भरती है।।

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें