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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 72, नवंबर(प्रथम), 2019

कहानी

जया पाण्डेय 'अन्जानी'

नहीं... इतना यह आसान नहीं मानव तुम भगवान नहीं बात मानो इतना जानो बचाता है 'विज्ञान' नहीं तब मृत्यु कोलाहल होगा चारों ओर 'हलाहल' होगा जब दंश भयावह देखेगा विज्ञान भी घुटने टेकेगा हे मनु के वंशज जागो ! धरणी की आग बुझाओ जातपात का बीड़ा छोड़ 'वसुधैव कुटुम्ब' बचाओ

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