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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 60, मई(प्रथम), 2019

भ्रष्टाचार

राजीव कुमार

वो विचारमग्न हो क्या सोच रही है? रेलवे स्टेशन पर बैठी -बैठी क्या कर रही है? किसी के आने की प्रतिक्षा कर रही है या कहीं जाने के लिए व्याकुल है? बार-बार पोटली टटोल रही है और घड़ी देख रही है। एक टी0टी0 जो बहुत देर से उसको हैरानी से देख रहा था, पास आकर पुछा ’’ कहां जाना है आपको? कितनी रेलगाड़िया आई और गई, आप यहां चुपचाप बैठी हैं। प्लेटफाॅर्म टिकट तो है न आपके पास?’’ वो एकटक टी0टी0 को देखती रही और बोली ’’ अभी तो तू मेरे बारे में चिन्ता कर रहा था और अब परेशान कर रहा है’’ उस महिला ने अपना प्लेटफाॅर्म टिकट दिखा दिया। उसके बाद टी0टी0 अपने काम पर चला गया। वो महिला इधर-उधर कुछ तलाशने लगी।

दोपहर के समय फिर वही टी0टी0 महिला के पास आया और कहा ’’ दिखाइए अपना प्लेटफाॅर्म टिकट दिखाइए। अब तो वेलीडीटी भी खत्म हो गई होगी।’’ टी0टी0 हंसने लगा, महिला ने प्लेटफाॅर्म टिकट निकाल कर दिखा दिया। वेलिड टिकट देखकर टी0टी0 दंग रह गया, टी0टी0 फिर वहां से चला गया। शाम के समय वो टी0टी0 गेट पर खड़ा टिकट चेक कर रहा था । स्टेशन पर उसी महिला को देखकर दंग रह गया। उस महिला के पास में टिकट थी यात्रा टिकट जिसमें दूरी दस किलोमीटर अंकित थी। उसने अपने साथियों को हुक्म दिया और महिला से कहा ’’ आप तो सारा दिन मेरे सामने बैठी रही, ये टिकट आपके पास कहां से आया? चलिए आप आॅफिस चलिए , वहीं बात होगी।’’ महिला टी0टी0 उस महिला का हाथ पकड़कड़ ले गई। तलाशी के दौरान महिला के पास तीन-चार प्लेटफाॅर्म टिकटें और एक यात्रा टिकट मिला जो सबके समझ से बाहर था। आर्थिक जुर्माना तय हुआ एक हजार रूपया। महिला ने कहा ’’ चालान बनाइए।’’

टी0टी0 ने कहा ’’ नहीं इसका चालान नहीं बनेगा लेकिन आपको जुर्माना देना होगा।’’ टी0टी0 जुर्माना की रकम पर अड़ा रहा औेर महिला चालान की मांग पर। बात नहीं बनती देख , न कोई मुनाफा होता देख लेडिज पुलिस को बुला लिया ।

महिला ने कहा ’’ मेरे पास तो रूपया नहीं है, मैं एक रिश्तेदार को फोन करती हूं, वही रूपया लेकर आएंगे।’’

महिला ने फोन कट किया और कहा ’’ मेरे रिश्तेदार रूपया लेकर आ रहे हैं और संजोग से वो आपके भी रिश्तेदार हैं।’’ टी0टी0 ने अपने साथियों का चेहरा देखा और फिर उस महिला की तरफ आश्चर्य से देखने लगा। दो-तीन लोग दाखिल हुए।

टी0टी0 ने कहा ’’ आपकी इस परिचित महिला पर एक हजार रूपया जुर्माना लगा है, इसके बदले आप अदा कर दीजीए।’’

महिला ने अपने रिश्तेदार से कहा’’ आप इस टी0टी0 की तलाशी लिजीए।’’

टी0टी0 ने आश्चर्य से कहा ’’ तलाशी का काम तो मेरा है और फिर सुरक्षा बलों का , इस महिला को अरेस्ट कर लो।’’ टी0टी0 ने सुरक्षा बलों से कहा। ज्योंहीं महिला कांस्टेबल पकड़ने के लिए आगे बढ़ी, तब पकड़ी गई महिला ने अपना परिचय पत्र निकाला और कहा ’’ आई एम सुधा मोहन फ्राॅम विजीलेंस। हमको अपना काम करने दीजीए।’’ महिला कांस्टेबल और टी0टी0 दूर खिसक लिए। तालाशी के दौरान टी0टी0 के पाॅकेट से बहुत सारे रूपये निकले।

सुधा मोहन ने कहा ’’ मैं तूमको बहुत देर से देख रही थी, तुमने हर फेरीवाले से बीस-बीस रूपये लिये , कुछ यात्रियों से दो सौ या तीन सौ रूपया लिया। इतना रूपया कहां से आया।’’ सुधा मोहन ने टी0टी0 को अरेस्ट किया और पूरी निगरानी टीम उसको आॅफिस ले गई।


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