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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 60, मई(प्रथम), 2019

तन्हा पेड

पूजा वर्मा

जलती धूप मे तन्हा पेड सबको छाया देता है। फिर भी काट उसकी शाखा को कर नासूर जमाना देता है। कैसे वो पेड खाकर जख्म अंजानो को फल भी देता है। भूल जाते है उसके बलिदान को जो सबको सुखद हवाएं देता है। अपने ऐसोआराम के लिए काट उसकी शाखा को बेच देता है। कुछ जमीन के लिए जमाना जंगल भी काट देता है। उपजाऊ भूमि को बंजर बना उसकी शक्ति छीन लेता है।


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