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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 60, मई(प्रथम), 2019

स्मृति का इतिहास पटल

चंद्र मोहन किस्कू

मेरी स्मृति के कागज पर लिखा हुआ है तुम्हारा प्यार तुम्हारी झीनी-झीनी साड़ी का आँचल देहभर का यौवन मुलाकातों पर तुम्हारी मुस्कान . मुझे धन-दौलत की चाहत नहीं है यदि मिले तुम्हारा प्यार काले बादलों जैसे केश नागिन जैसी तुम्हारी चाल कमल फूल जैसा तुम्हारी चेहरा देखकर मन मोहित होता है . कपाल में सोने जैसा तिलक गले में सुगंध फूलों की माला मेरे लिए बेकार है यदि न मिले जगह तुम्हारे ह्रदय में . मुझे अच्छी नहीं लगती फाल्गुन में कोयल की कूक तुम्हारे पैरों में पायल की रुनझुन मेरे कानों में पड़ती है लगती है बहुत ही मधुर .


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