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Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 60, मई(प्रथम), 2019

प्यारा तोता

सुशील शर्मा

टें-टें टें-टें तोता चिल्लाया। छोटू भाग के मिर्ची लाया। कुतर कुतर तोते ने खायी। मिर्ची उसको बहुत लुभायी। टें-टें टें फिर तोता बोला। मांग रहा वो बर्फ का गोला। गर्मी में गुस्सा वो होता। नाचे ता था थैया तोता। छोटू ने उसको पुचकारा। तोता उसको लगता प्यारा। दाना पानी खूब खिलाया। ठन्डे पानी से नहलाया। अरे हरे प्यारे से तोते। काश हमारे पंख भी होते। आसमान में हम उड़ जाते। पर्वत के ऊपर चढ़ जाते। तोता लेकिन बहुत उदास। उसकी मम्मी नहीं थी पास। तोते ने फिर टेर लगाई। बात समझ छोटू को आई। छोटू ने पिंजरे को खोला। तोता उसके कान में बोला। धन्यवाद ओ मेरे भाई। कैद से मुझको मुक्ति दिलाई।


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