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वर्ष: 2, अंक 36, मई(प्रथम), 2018



मेरी प्यारी बिटिया रानी


रवि प्रभात


 

तेरी पायल की रुनझुन से
घर मेरा डोले
तेरी एक किलकारी पे
पापा है बोले
जब से तुम आई जिंदगी में मेरे
खुशियों की बारिश होती है साँझ सबेरे
तुम से ही सुरु होती है
खुशियों की क्यारी
तुम ही तुम ही बस तुम ही तो
अपने पापा की दुलारी
मेरी प्यारी बिटिया रानी

  
 

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