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वर्ष: 2, अंक 36, मई(प्रथम), 2018



चुनाव की आहट


कवि राजेश पुरोहित


 

घर घर दस्तक देते नेताजी
झूंठे सारे वादे करते नेताजी
चमचों की तो चाँदी हुई अब
पिछलग्गू संग भटके नेताजी
कभी राम के सहारे लेते वोट
भीरू जन को ठगते नेताजी
गरीब से बी पी एल छुड़ाकर
अमीर का नाम चढाते नेताजी
धवल वेश में काले कारनामे
अक्सर करते रहते नेताजी
सोने की चिड़िया घर लाकर
खुशियाँ खूब मनाते नेताजी
बड़े बड़े मंचों को सजा कर
वोटों को मांगते ये नेताजी
 
 

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