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वर्ष: 2, अंक 36, मई(प्रथम), 2018



लड़की गरीब घर की


चन्द्र मोहन किस्कु


 

लड़की गरीब घर की
है जल की मछली जैसी
और मछली गरीबी नामक
फंदा देखती है स्वप्न मे
मानना नहीं चाहती हार
और पढ़ना -लिखना चाहती है
प्रकाश की डगर पर बढ़ना चाहती है
आगे की ओर, अस्थिर पानी को चीर कर
वक्त नाम का माँझी
इन्तजार में है फंदा लेकर
मछली फंदे में फंसकर
हार मान ही लेती है
उसका रंगीन स्वप्न भी
पूरा तहस -नहस
हो जाता है

		 
 
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