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वर्ष: 2, अंक 32, मार्च(प्रथम), 2018



पेट की भूख


संतोष कुमार वर्मा


         
                  
मैने देखा ,
अपने घर के मंदिर के पास, 
चौराहे पर एक लड़का
उसकी बहन और एक नन्ही सी बच्ची
कर रहे थे पेट की भूख की लड़ाई

हुई थी,
वह ट्रेंड अपनी दुग्धावस्था से 
अगर गीर भी जाती आठ फिट ऊपर से
रस्सी के एक डोर से,
तो उसे अफसोस कीस बात  का.......?
मुक्ति मिलती वरना पैसे मिलते

किया था,
क्या कसूर उसने, जो भोग रही है
दुसरे के हिस्से की सजा
पढ़ाई की जगह कर रही
भूख की , जिंदगी की लड़ाई

हमें, उससे
अपने जिन्दगी की मायने
की सीख लेना चाहिए
कि हम कहाँ खो रहे हैं 
अपनी जिन्दगी!!
    

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