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वर्ष: 2, अंक 32, मार्च(प्रथम), 2018



होली आई


प्रिया देवांगन "प्रियू"


 

होली आई होली आई।
रंगों की बौछारे लाई।
बच्चे खेले रंग गुलाल।
नाचे कूदे करे धमाल ।
इस गली से उस गली ।
दौड़ दौड़ कर जा रहें।
बच्चे बूढे दोनों संग।
होली में धूम मचा रहे ।
मीठे मीठे कई तरह की ।
मम्मी पकवान बना रही।
होली के रंगों में 
सबकी चोली भीगा रही।
होली आई होली आई
रंगों की बौछारे लाई।

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