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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 81, मार्च(द्वितीय), 2020

सच्ची दोस्ती

रौली मिश्रा

हर किसी को अपनी जिंदगी में एक सच्चा दोस्त बनाना चाहिए क्योंकि एक सच्चे दोस्त से बुरा वक्त भी अच्छा हो जाता है सच्चे दोस्त हर किसी की किस्मत में नहीं होते हैं और वो इंसान जिंदगी में बिना दोस्त के रह जाता है खोये नहीं अपनी जिंदगी में अपनी सच्ची दोस्ती को क्योंकि सूने घर में अक्सर हंसती खेलती जिंदगी गुमनाम हो जाती है अकेले रह जाते हैं लोग और पहचान को जाती है वक्त तो रेत के जैसे निकल जाता है दोस्ती पक्की हो तो कठिनाई का रास्ता भी सरल हो जाता है।।


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