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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
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Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 57, मार्च(द्वितीय), 2019

*होली की उमंग*

डॉ. प्रमोद सोनवानी पुष्प

होली है भई होली है , आज करें हुड़दंग । चलो साथ ले पप्पू को भी , खूब लगायें रंग ।। मोहक रंग - रंगीला टोली , लेकर घर - घर जायें । नहीं किसी से बैर करें हम , सबको मित्र बनायें ।। रंग प्यार का बरसायेंगे । मन में भरा उमंग ।।1।। चलो करें हम ऐसा भी कुछ , हंसते - गाते दिन ढ़ले । डाला है जहाँ दुःख ने डेरा , वहाँ ख़ुशी के रंग पले ।। कभी नहीं हम मुड़कर देखें । चलो - चलें जी संग ।।2।।


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