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वर्ष: 3, अंक 56, मार्च(प्रथम) , 2019



परीक्षा


प्रिया देवांगन " प्रियू"


     
परीक्षा के दिन आगे जी , 
लइका मन पढ़त हे,
अव्वल नंबर आही कहिके  , 
मेहनत अबड़ करत हे।

बड़े बिहनिया सुत उठ के , 
पुस्तक कापी ल धरत हे,
मन लगाके पढ़त लिखत।
जिंनगी ल गढ़त हे।।

पढ़ लिख के विद्वान बनही, 
रात दिन मेहनत करके।
दाई ददा के सेवा करही,
सपना पूरा करके।।
 

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