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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 87, जून(द्वितीय), 2020

प्रज्ञा पांडे के कहानी संग्रह ‘ऑफ व्हाइट’की समीक्षा

डॉक्टर सांत्वना मिश्रा

‘ऑफ व्हाइट’ नामक कहानी संग्रह साहित्य भण्डार इलाहाबाद से विगत वर्ष प्रकाशित हुआ ग्रन्थ है. यह प्रज्ञा पांडे जी का एक नवीनतम कहानी संग्रह है. इस कहानी संग्रह में कुल 11 कहानियों का समावेश किया गया है, जिसे लेखिका ने अपने पिछले दो दशकों के रचनाकाल में प्रणीत किया है. इस कथा संग्रह में जिन कहानियों का संग्रह किया गया है उनकी विषय वस्तु भारतीय नारियां हैं. यह पुस्तक भारत की ग्रामीण और शहरी दोनों ही स्त्रियों की स्थिति का निरूपण करती है जिसे सही मायनों में भारतीय स्त्री विमर्श कहना अन्यथा न होगा. इन की कुछ कहानियों की पृष्ठभूमि ग्रामीण है, और जैसे-जैसे लेखिका का परिवेश बदला है; वैसे-वैसे उनकी कहानियों का वर्ण्यविषय तथा परिवेश दोनों ही बदले हैं, ग्रामीण जीवन की संसाधन विहीन गरीबी और उस पर स्त्री पात्रों के जीवन की कठिनाइयों का क्या कहना. ग्रामीण महिलाओं की गरीबी और उससे उत्पन्न क्षोभ, संताप, कलह, और निराशा तथा अवसाद के चित्रांकन में लेखिका सिद्धहस्त तो हैं ही वहीं इस कार्य में आप को पूर्ण सफलता भी प्राप्त हुयी है, जो उनकी सहज प्रतिभा का परिचायक है; तथा यह तथ्य इस संग्रह की प्रथम तीनों कहानियों में परिलक्षित हुआ है. कहानियों की विषयवस्तु, भाषा और शैली तथा कथा को प्रस्तुत करने का ढंग इतना मार्मिक और संवेदनशील है; जैसे प्रतीत होता है कि कथाकार स्वयं कहानी की एक पात्रा है और घटनाक्रम का इतना सजीव वर्णन करती हैं जैसे आंखों देखा हाल सुनाती हुई सी प्रतीत होती है.

इस कथा संग्रह में बाद की कुछ कहानियों के विषय आधुनिक युगीन (मॉडर्न) हैं जिनमें नए जमाने की, नई पीढ़ी के विचारों, मान्यताओं तथा क्रियाकलापों का चित्रण करते हुए कथाओं की न केवल पृष्ठभूमि ही बदली है बल्कि जैसे युग परिवर्तन ही हो चला है. एक कथा में माता-बेटी के संबंधों पर आधारित एक नवयुग का सूत्रपात हुआ है. इन कहानियों के कथानक के द्वारा लेखिका आज-कल की नई पीढ़ी की आधुनिक सोच-समझ जिसे मार्डन युगीन कहा जाता है, की निरंकुशता, पथभ्रष्टता, स्वार्थपरकता और अर्थहीन संवेदनहीनता का सटीक चित्रण करती है, जिसमें भारत की नई पीढ़ी प्रवेश कर रही है.

अपनी कहानियों के आधार पर प्रज्ञा पांडे जी ने भारत के साहित्यकाश में देश के एक उदीयमान साहित्यकार के रूप में में एक देदीप्यमान अवतार लिया है. आशा है कि वह भारतीय हिंदी कथा जगत की शलाका नारी लेखिका बनेंगी. आने वाले अनेकों वर्षों तक इसी प्रकार देदीप्यमान रहते हुए नए कथाकारों का सम्यक मार्गदर्शन भी करती रहेंगी. श्रीमती प्रज्ञा पांडे जी को उनकी कथा कृति ‘ऑफ व्हाइट’ हिन्दी साहित्य जगत के अवलोकनार्थ प्रस्तुत करने हेतु कोटि-कोटि बधाई प्रेषित करना चाहती हूं. आप इसी प्रकार साहित्य सृजन करती रहें और हम जैसे साहित्य प्रेमियों का अपनी लेखनी से मनोरंजन एवं मार्गदर्शन भी करती रहें.


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