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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 87, जून(द्वितीय), 2020

पुस्तक

अमृता शर्मा

हो अकेले तो साथी बन जाए, जीवन पथ पर सारथी बन जाए। इतिहास से हमारा परिचय करवाए। भूगोल का हमें ज्ञान बतलाएं। वेदों से हमें अवगत करवाए, पुराणों की हमें कथा बतलाएं। मीरा की भक्ति से प्रभु पर अटूट विश्वास करवाए। भगत सिंह के जीवन से राष्ट्र प्रेम सिखलाए। महापुरुषों की जीवनी से पथ प्रदर्शित करवाए। जीवन पथ पर अपने शब्दों के जैसे अडिग रहना सिखलाए। पल में हंसाए, पल में रुलाए, ज्ञान बढ़ाए, मनोरंजन कराए। जो हर इंसान को मंजिल तक पहुंचाए, वह पुस्तक कहलाए।


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