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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 87, जून(द्वितीय), 2020

भोजपुरी गजल

विद्या शंकर विद्यार्थी

कहे दीं कहानी, बिसारल गइल बा डुबावत डुबावत, उबारल गइल बा इहे लोर बाटे लिखाइल करम में पियावत पियावत, विचारल गइल बा कहे नीर साथे अदावत भइल बा सतावत सतावथ गुजारल गइल बा कवन आँख होई दरद ना बुझी ऊ सुई के चुभावल बरावल गइल बा हँसी के कहानी जिगर के दुखावल जिगर से कबो ना पुकारल गइल बा ।

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