Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 2, अंक 39, जून(द्वितीय), 2018



पर्यावरण बचाना है


डॉ.प्रमोद सोनवानी पुष्प


                              
धरा को स्वर्ग बनाना है ,
पर्यावरण बचाना है ।
गाँव-गाँव हर गली-गली में ,
हमको वृक्ष लगाना है ।।1।।

पेड़-पौधे देते हैं जग को ,
शीतल छाया और दवा ।
इसीलिये मिल-जुलकर हमको ,
करना है वृक्षों की सेवा ।।2।।

परम हितैषी पेड़ सभी ,
अब न काटें इसे कभी ।
मिल-जुलकर इन वृक्षों की ,
देखभाल करेंगे हम सभी ।।3।।

वृक्षारोपड़ करना है ,
जीवन सुखद बनाना है ।
प्यारे बच्चों इस दुनियाँ में ,
पर्यावरण बचाना है ।।4।।
 

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें