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वर्ष: 2, अंक 39, जून(द्वितीय), 2018



पेड़ों को मत काटो


महेन्द्र देवांगन "माटी"


     
एक एक पेड़ लगाओ , धरती को बचाओ ।
मिले ताजा फल फूल,  पर्यावरण शुद्ध बनाओ ।
मत काटो तुम पेड़ को , पुत्र समान ही मानो ।
इनसे ही जीवन जुड़ा है , रिश्ता अपना जानो ।
सोचो क्या होगा अगर,  पेड़ सभी कट जायेंगे ?
कहां मिलेगी शुद्ध हवा, तड़प तड़प मर जायेंगे ।
फल फूल और औषधि तो, पेड़ों से ही मिलते हैं ।
रहते मन प्रसन्न सदा , बागों में दिल खिलते हैं ।
पंछी चहकते पेड़ों पर , घोसला बनाकर रहती हैं।
फल फूल खाते सदा, धूप छाँव सब सहती हैं ।
सबका जीवन इसी से हैं, फिर क्यों इसको काटते हो।
अपना उल्लू सीधा करने, लोगों को तुम बाँटते हो।
करो संकल्प जीवन में प्यारे, एक एक वृक्ष लगायेंगे ।
हरा भरा धरती रखेंगे, जीवन खुशहाल बनायेंगे ।
 

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